भाषा विश्वविद्यालय में ग्रीष्मावकाश घोषित, चलते रहेंगे प्रशासनिक और प्रवेश कार्य
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में शैक्षिक सत्र 2025–26 के अंतर्गत ग्रीष्मावकाश की घोषणा कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार शिक्षकों हेतु ग्रीष्मावकाश दिनांक 21 मई 2026 से 20 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। यह निर्णय माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रीष्मावकाश के दौरान विश्वविद्यालय के समस्त कार्यालय पूर्ववत खुले रहेंगे तथा नियमित रूप से कार्य करते रहेंगे। प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा संबंधी कार्य, परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया, शोध एवं प्रशासनिक गतिविधियाँ, वित्तीय कार्य तथा अन्य आवश्यक विभागों का कार्य निर्बाध रूप से संचालित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त आगामी शैक्षिक सत्र की तैयारियों को लेकर भी विभिन्न विभागों द्वारा योजनाबद्ध कार्य किए जाएंगे।विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। विश्वविद्यालय परिसर में आवश्यक सेवाएँ सामान्य रूप से संचालित होती रहेंगी तथा संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे।
इस संबंध में कुलसचिव डॉ. महेश कुमार ने सभी शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आगामी सत्र की तैयारियों में सहयोग बनाए रखने की अपेक्षा व्यक्त की है।