विधि संकाय में प्रवेश की अंतिम तिथि 15 जून, 100% प्लेसमेंट के चलते छात्रों में बढ़ी रुचि
लखनऊ। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय का विधि संकाय (Faculty of Legal Studies) प्रदेश के उभरते हुए प्रमुख विधि संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। वर्ष 2021 में स्थापित यह संकाय शुरुआत से ही गुणवत्तापूर्ण कानूनी शिक्षा, शोध एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रहा है।
वर्तमान में संकाय में LL.M., LL.B. एवं B.A. LL.B. पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रत्येक कोर्स में 60 सीटें निर्धारित हैं तथा ये सभी पाठ्यक्रम बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से मान्यता प्राप्त हैं। यहां का शैक्षणिक वातावरण छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ प्रायोगिक अनुभव भी प्रदान करता है, जिससे वे सफल विधि विशेषज्ञ के रूप में विकसित हो सकें।
विधि संकाय की प्रमुख विशेषताओं में अत्याधुनिक मूट कोर्ट हॉल शामिल है, जहां छात्र वास्तविक न्यायालय जैसी परिस्थितियों में अभ्यास करते हैं। इसके साथ ही संकाय में वाई-फाई सुविधा, समृद्ध विभागीय एवं केंद्रीय पुस्तकालय उपलब्ध हैं, जो छात्रों की शोध क्षमता को सुदृढ़ बनाते हैं।
छात्रों के समग्र विकास के लिए संकाय में फ्री लीगल एड क्लिनिक संचालित किया जाता है। साथ ही, छात्रों को माननीय उच्च न्यायालय, जिला न्यायालय एवं जेल विजिट जैसे शैक्षणिक भ्रमणों के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया जाता है।
वर्तमान में विभाग में 450 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं और संकाय का सबसे उल्लेखनीय पहलू 100% प्लेसमेंट का रिकॉर्ड है, जो छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, विधि पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है, अतः इच्छुक छात्र-छात्राएं समय रहते आवेदन सुनिश्चित करें।
प्रवेश के लिए छात्र विश्वविद्यालय के एडमिशन हेल्पडेस्क पर संपर्क कर सकते हैं या विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी आवेदन एवं जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।