अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से युद्धविराम खत्म हो चुका है। अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमलों की दूसरी स्ट्राइक शुरू कर दी है। वहीं, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन्स से हमला किया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, अमेरिकी हमलों का लक्ष्य उन ईरानी सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाना है, जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को खतरे में डालने के लिए किया जा सकता है। वहीं ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि ईरान ने कभी युद्ध का स्वागत नहीं किया और अब भी नहीं करता।
उन्होंने कहा कि ईरान को हमेशा संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहना होगा। यह बयान अमेरिका के ईरान पर जारी सैन्य हमलों के बीच आया है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष दोबारा शुरू होने की जानकारी दी है। इसके बाद से ही अमेरिका के अगले कदम को लेकर वैश्विक स्तर पर नजरें टिकी हैं।