मोदी ने उपयोग किया रेवड़ी शब्द अखिलेश बोले कही यह असंसदीय तो नहीं , भड़के यूजर

Update: 2022-07-16 18:02 GMT

बुंदेलखंड:- देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किया। उद्धघाटन के बाद वह बिना किसी का नाम लिये विपक्ष पर बरस उठे। उन्होंने लोगो से अपील की वह रेवड़ी कल्चर से दूर रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उनपर पलटवार किया है।

अखिलेश यादव बैन हुए असंसदीय शब्दो का जिक्र करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक ट्वीट किया ओर कहा, रेवड़ी बाँटकर थैंक्यू का अभियान चलवाने वाले सत्ताधारी अगर युवाओं को रोज़गार दें तो वो 'दोषारोपण संस्कृति' से बच सकते हैं।

रेवड़ी शब्द असंसदीय तो नहीं? वही अरविंद केजरीवाल ने मोदी के बयान पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया और कहा, अपने देश के बच्चों को मुफ़्त और अच्छी शिक्षा देना और लोगों का अच्छा और मुफ़्त इलाज करवाना - इसे मुफ़्त की रेवड़ी बाँटना नहीं कहते। हम एक विकसित और गौरवशाली भारत की नींव रख रहे हैं। ये काम 75 साल पहले हो जाना चाहिए था। अब सोशल मीडिया यूजर्स अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल के ट्वीट्स पर जमकर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं।

देखे यूजर्स की प्रतिक्रिया:-

अखिलेश के ट्वीट पर क्या बोले यूजर्स:-

एक यूजर अखिलेश के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहता है कि जब आपकी सरकार थी उस समय आप सभी पर ध्यान रखते तो जनता आपका साथ कभी नही छोड़ती कैसे  राजनेता हो जब खुद की सरकार रहती है तब तो कुछ करते नही है और जब दूसरी सरकार आ जाती है तो बीच में रोड़ा बन जाते हैं।

वही दूसरा यूजर कहता है कि अरे आप भी गजब करते हैं लड़कों से गलती हो जाती है यह शब्द भीअसंसदीय नहीं है, यह सब आपके लिए नहीं है, भाई साहब आप भी कहां इनके चक्कर में लगे हैं| 

आप तो लगे रहो जैसा आप बोलते हो चुनाव प्रचार के दौरान मौर्य जी से आपको सब पंचायत में नहीं पड़ना है, परिवार वादी वंश वादियों को सब माफ़ है।

वही एक यूजर कहती है कि वंशवाद-परिवारवाद को जनता ने जोरदार  तमाचा मारकर जनादेश का बिगुल बजाया हैं.करारी हार से आपा खो बैठे हैं लोकप्रिय टोटी भैया जी आपको अपनी शैली बदलने कि जरूरत है, आप जीते तो लोकतंत्र जीती आप हारे तो भाजपा ने हर चीज हैक कर के रखा है, ऐसे कैसे चलेगा भैया।

केकेजरीवाल के ट्वीट पर क्या बोले यूजर्स:-

एक यूजर बोलता है कि फ्री में बाटने को रेवड़ी बाटना ही कहते हैं, महीने मे लाखों टैक्स देने वाले "आप" की राजनीतिक रोटी सेकने के लिये टैक्स नहीं देते? बिजली  फ्री में बनती है या रोड? ट्रेन फ्री में चलती है या बसें? फिर सब फ्री क्यों ?

चुनाव जीतने के लिये ? वही दूसरा यूजर कहता है कि दिल्ली के विकास कार्य ठप्प करके, रोजगार खत्म करके केवल वोटों की खातिर मेहनतकश मध्यम वर्ग के टैक्स के पैसे को फ्री फ्री.. स्कीम लागू करने को रेवड़ी बांटना नहीं कहते तो फिर 'रेवड़ी बांटना' की परिभाषा क्या है !

वही एक अन्य यूजर कहता है कि जो गुरु का न हुआ, संघर्ष के साथियों का सगा न हुआ,पुत्री के सर की झूठी कसम खा सकता है....वो राष्ट्र को प्रेसवार्ता कर विश्वास दिला रहा है कि मैं सिर्फ देश का हूं...कहां से ऐसी कुटिलता लाते हो केजरीवाल।

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