'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान से हरियाणा में लिंगानुपात सुधारने में मदद मिली: मन की बात में पीएम मोदी

Update: 2023-04-30 07:58 GMT

 प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात के 100 वें एपिसोड में कहा बेटी बचाओ , बेटी पढाओ ' और 'सेल्फी विद डॉटर' जैसे कई अभियानों के परिणामस्वरूप हरियाणा में लिंग अनुपात में सुधार हुआ है , प्रधानमंत्री ने 'सेल्फी विद डॉटर' अभियान के लिए हरियाणा के सुनील जागलान को भी श्रेय दिया और कहा कि किसी के जीवन में बेटी होने का महत्व उनके अभियान के माध्यम से सामने आता है। 

 पीएम ने कहा '3 अक्टूबर, 2014, विजय दशमी का वो पर्व था और हम सबने मिलकर विजय दशमी के दिन ‘मन की बात’ की यात्रा शुरू की थी। विजय दशमी यानी बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व। ‘मन की बात’ भी देशवासियों की अच्छाइयों का, सकारात्मकता का, एक अनोखा पर्व बन गया है।

  ‘मन की बात’ में पूरे देश के कोने-कोने से लोग जुड़े, हर आयु-वर्ग के लोग जुड़े। बेटी-बचाओ बेटी-पढ़ाओ की बात हो, स्वच्छ भारत आन्दोलन हो, खादी के प्रति प्रेम हो या प्रकृति की बात, आजादी का अमृत महोत्सव हो या फिर अमृत सरोवर की बात, ‘मन की बात’ जिस विषय से जुड़ा, वो, जन-आंदोलन बन गया, और आप लोगों ने बना दिया।  

पीएम मोदी ने कहा कि मन की बात ने आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने से लेकर मेक इन इंडिया और अंतरिक्ष स्टार्टअप तक विविध क्षेत्रों में प्रतिभाशाली व्यक्तियों की कहानियों को प्रदर्शित किया है। हमारे खिलौना उद्योग को फिर से स्थापित करने का मिशन मन की बात से शुरू हुआ।  मणिपुर की विजयशांति कमल के रेशों से कपड़े बनाती हैं। उनके इस अनोखे पर्यावरण-हितैषी विचार की चर्चा ‘मन की बात’ में हुई और उनका काम और लोकप्रिय हुआ।, 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने ‘मेक इन इंडिया’ के अनेक उदाहरणों से लेकर ‘स्पेस स्टार्टअप’ तक की चर्चा ‘मन की बात’ में की है। ‘मन की बात’ की एक और विशेषता रही है। इसके जरिए ना जाने कितने ही जन-आंदोलन ने जन्म भी लिया है और गति भी पकड़ी है जैसे हमारे खिलौने।हमारे खिलौने की इंडस्ट्री को फिर से स्थापित करने का मिशन भी तो मन की बात से ही शुरू हुआ था।प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरा अटूट विश्वास है कि सामूहिक प्रयास से बड़े से बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

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