उत्तर प्रदेश विधान सभा सचिवालय भर्ती पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

Update: 2021-06-17 03:13 GMT



उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय में चल रही भर्ती की प्रक्रिया को रद्द करने के लिए लखनऊ हाई कोर्ट में याचिका डाली गई थी। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने 10 दिन में राज्य सरकार से जवाब भी मांगा है।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय में 7 दिसंबर 2020 को निकाली गई विभिन्न भर्तियों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए उसे रद्द करने की याचिका लखनऊ हाई कोर्ट में डाली गई थी। जिसके बाद राज्य सरकार को 10 दिन के अंदर संक्षिप्त हलफनामा दाखिल करने का आदेश जस्टिस सिंह ने दिया।

बता दें कि इस मामले की सुनवाई 28 जून को लखनऊ हाई कोर्ट बेंच द्वारा की जाएगी। क्योंकि याचिका में कहा गया है कि विधानसभा सचिवालय के कई पदों पर चल रही है भर्तियों में धांधली हुई है। जिसके बाद याचिकाकर्ता द्वारा धांधली का आरोप लगाते हुए कोर्ट में कहा गया कि कुछ अभ्यर्थियों के प्रारंभिक परीक्षा में 100 में से 7 और मुख्य परीक्षा में 200 में से 10 अंक आये, लेकिन उनका भी चयन हो गया।

इतना ही नहीं याचिकाकर्ता ने इसके सबूत के तौर पर यात्रियों के वकील की ओर से कुछ ओएमआर शीट भी पेश की और मांग की कि पूरी परीक्षा को रद्द किया जाए। जिसके बाद ही सरकारी वकील अभिनव त्रिवेदी ने उन ओएमआर शीट पर ही सवाल उठा दिया जो याचियों के पक्ष से पेश की गई थीं। सरकारी वकील ने उन ओएमआर शीट से ही छेड़छाड़ किये जाने की बात कही है‌।

बता दे कि सरकारी वकील ने इस मामले में संक्षिप्त हलफनामा पेश करने के लिए कोर्ट से करीब 10 दिन का समय मांगा है जो कोर्ट ने स्वयं दे दिया है। कोर्ट के आदेशों के अनुसार इस मामले की अगली सुनवाई 18 जून को तय की गई है तब तक सचिवालय की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लग चुकी है।

नेहा शाह

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