हरियाणा सरकार ने गोरखधंधा शब्द पर लगाया प्रतिबंध जानिए पूरी वजह

Update: 2021-08-19 05:01 GMT



हरियाणा सरकार ने गोरखधंधा जैसे शब्द के प्रयोग पर बैन लगा दिया है। बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर ने इसके आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि किसी भी आधिकारिक भाषा, भाषण या किसी भी संदर्भ में इस शब्द का प्रयोग गुरु गोरखनाथ के अनुयायियों की भावनाओं को आहत करता है। अत: अब किसी भी संदर्भ में इस शब्द का प्रयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

आपको बता दें कि नाथ पंथ के अनुनायियों ने 'गोरखधंधा' शब्द पर रोक लगवाने की मांग की थी। कहा जाता है कि, गोरखधंधा शब्द प्रसिद्ध योगी गोरखनाथ की साधना से प्रचलन में आया था। योगी गोरखनाथ नाथ संप्रदाय के प्रसिद्ध योगी हुए हैं।गौरतलब है कि गुरु गोरखनाथ ने योग की अलग-अलग कठिन साधनाएं व आसनों की शिक्षा लोगों को दी। उनकी कठिन साधनाओं को उस समय गोरखधंधा नाम से बोला जाता था। हालांकि, धीरे-धीरे इस शब्द का प्रयोग गलत कामों के उच्चारण के लिए किया जाना लगा।

जैसा कि हम जानते है कि कई राज्यों के लोग आम बोलचाल की भाषा में अनैतिक कार्यों के लिए गोरखधंधा शब्द प्रयोग करते हैं। लोग यही समझते हैं कि गोरखधंधा शब्द ही ठगी या धोखाधड़ी से जुड़ा कार्य है। ऐसे में हर कोई इसे बोल देता है। हालांकि, अब किसी तरह के गलत कार्यों, ठगी-धोखाधड़ी आदि कारनामों में गोरखधंधा शब्द का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।

नाथ पंथ के अनुनायी के अनुसार गुरु गोरखनाथ ने भारत समेत नेपाल, भूटान, तिब्बत आदि देशों में नाथ मठों की स्थापना की थी। वे प्रतिष्ठित योग-साधक रहे हैं। यहां तक कि, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा सांसद बाबा बालकनाथ भी गोरखनाथ संप्रदाय से ही संबंधित हैं।

नेहा शाह

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