पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ने आते ही किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आलू, प्याज, फल, सब्जियां, तिलहन, खाद्य पदार्थों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की अंतर-राज्य आवाजाही पर लगी सभी पाबंदियां हटा दी हैं।
यह पाबंदियां पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा किसानों पर लगाई गई थी। विशेष रूप से आलू उत्पादक किसानों को इसके कारण भारी नुकसान हुआ था। विधानसभा चुनाव के दौरान, भाजपा ने किसानों से इन पाबंदियों को हटाने का वादा किया था, और अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने इसे पूरा किया है।
इसके अलावा, पश्चिम बंगाल सरकार ने शिक्षकों की भर्ती, नगर निकाय भर्ती और सहकारी सेवाओं की भर्ती घोटाले से जुड़े मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पूर्व टीएमसी सरकार ने इन मामलों में कोई कार्रवाई नहीं की थी, ताकि भ्रष्ट अधिकारियों को बचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार संस्थागत भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाएगी। साथ ही, सरकार ने TMC सरकार द्वारा सेवानिवृत्त होने के बाद पुनः नियुक्त किए गए सभी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। इस संबंध में पश्चिम बंगाल सरकार ने कई आधिकारिक आदेश जारी किए हैं।
पश्चिम बंगाल सरकार के इन कदमों को संस्थागत सुधार और भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर नीति के रूप में देखा जा रहा है, जो किसानों को राहत देने के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों के दुरुपयोग पर भी लगाम लगाने का प्रयास कर रहा है।