नगरीय विकास को भावी दिशा देने हेतु भोपाल में तीन दिवसीय मध्यप्रदेश में सतत् नगरीय विकास हेतु कार्यशाला का आयोजन
भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग, द्वारा मध्यप्रदेश में सतत् नगरीय विकास हेतु कार्यशाला का आयोजन 3 से 5 फरवरी 2026 तक होटल मैरियट, भोपाल में किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय कार्यशाला शहरी विकास से जुड़े विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद, समन्वय एवं अनुभव साझा करने का एक सशक्त मंच प्रदान कर रही है। कार्यशाला के द्वितीय दिवस मुख्य वक्ता के रूप में नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे, श्रद्धा मिश्रा, संगिनी, मिलिंद मस्के, प्रजा फाउंडेशन तथा सुश्री डॉन बॉनफील्ड ,कॉमनवेल्थ इंजीनियर्स काउंसिल ने अपने विचार प्रस्तुत किए। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे,ने कहा कि यह तीन दिवसीय कार्यशाला शहरी विकास की भावी दिशा निर्धारित करने हेतु एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी मंच है।
मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शहरी विकास दृष्टिकोण को लेकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है। जिसमें लैंगिक समानता एवं समावेशी शहरी विकास , सुरक्षित एवं समान अवसरयुक्त नगरों के निर्माण के लिए अनिवार्य है। शहरी नियोजन, अधोसंरचना आवास, परिवहन, स्वच्छता एवं सार्वजनिक सेवाओं के विकास में महिलाओं, बालिकाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों की आवश्यकताओं एवं दृष्टिकोण को समाहित करना आवश्यक है।
आयुक्त संकेत भोंडवे ने यह भी बताया कि प्रदेश के नगर स्वच्छता, शहरी अधोसंरचना, आवास, जल प्रबंधन एवं शहरी परिवहन क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत अब तक लाखों परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वही अमृत मिशन के माध्यम से जलप्रदाय एवं सीवरेज परियोजनाओं में बड़े स्तर पर निवेश किया गया है ।भोपाल एवं इंदौर में मेट्रो रेल का संचालन, ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन का विस्तार तथा स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत शहरों का कायाकल्प—ये सभी पहल मध्यप्रदेश के नगरों को भविष्य के लिए तैयार कर रही हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में प्रदेश के आठ शहरों का सम्मानित होना, इंदौर का लगातार स्वच्छता में प्रथम स्थान प्राप्त करना तथा भोपाल का देश के स्वच्छ राजधानीयों में सम्मिलित होना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।