महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में 15 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य अतिथि गृह
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ को अपने परिसर में लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य अतिथि गृह (गेस्ट हाउस) के निर्माण हेतु प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो गई है। यह परियोजना विश्वविद्यालय के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। परियोजना के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड को सौंपी गई है।अतिथि गृह निर्माण परियोजना का मूल्यांकन रचना एवं मूल्यांकन प्रभाग, राज्य नियोजन संस्थान, उत्तर प्रदेश योजना भवन द्वारा किया गया था। मूल्यांकन उपरांत परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद विश्वविद्यालय में आने वाले विशिष्ट अतिथियों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं तथा विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
विश्वविद्यालय को होंगे कई लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में आधुनिक अतिथि गृह का निर्माण होने से राष्ट्रीय संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, शोध सम्मेलनों एवं शैक्षणिक आयोजनों के संचालन में सुविधा होगी। बाहरी राज्यों एवं देशों से आने वाले विद्वानों को गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध होने से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक पहचान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। साथ ही विश्वविद्यालय को दीर्घकाल में अतिरिक्त राजस्व प्राप्त करने का अवसर भी मिल सकता है।अतिथि गृह के निर्माण से विश्वविद्यालय को प्रशासनिक गतिविधियों के संचालन में भी सहायता मिलेगी तथा महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों के दौरान अतिथियों के आवास की समस्या का समाधान होगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव कुमार ने इसे विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बताते हुए कहा कि यह स्वीकृति संस्थान के निरंतर विकास और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा, "महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय को प्रदेश सरकार द्वारा अतिथि गृह निर्माण के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिलना हमारे लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। यह केवल एक भवन का निर्माण नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध एवं राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान का प्रतीक है। अतिथि गृह के निर्माण से देश-विदेश से आने वाले विद्वानों, शोधकर्ताओं और विशिष्ट अतिथियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा विश्वविद्यालय में उच्च स्तरीय शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।"
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय को एक आधुनिक, समावेशी और उत्कृष्ट शिक्षण-शोध केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आधारभूत संरचनाओं का विस्तार लगातार किया जा रहा है और अतिथि गृह की स्वीकृति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने आशा व्यक्त की है कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय पूर्वांचल के प्रमुख शैक्षणिक एवं शोध केंद्रों में अपनी पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा।