महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में नित्यानंद ने सहायक कुलसचिव के पद पर संभाला कार्यभार
आजमगढ़, महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत नित्यानंद ने सहायक कुलसचिव के पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इससे पूर्व वे इसी पद पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन, परीक्षा प्रबंधन एवं शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में उनके अनुभव को देखते हुए उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नित्यानंद ने अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से की थी। वहां उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन, परीक्षा संचालन, छात्र हितों से जुड़े कार्यों तथा अभिलेख प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके बाद दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में सहायक कुलसचिव के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने अपनी प्रशासनिक दक्षता और कार्यनिष्ठा का परिचय दिया।
कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत नित्यानंद ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय पूर्वांचल में उच्च शिक्षा का एक उभरता हुआ केंद्र है। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं छात्रहितैषी बनाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने नित्यानंद का स्वागत करते हुए कहा कि उनके व्यापक प्रशासनिक अनुभव का लाभ विश्वविद्यालय को निश्चित रूप से प्राप्त होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनकी कार्यकुशलता से विश्वविद्यालय की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक/कुलसचिव आनंद कुमार मौर्य ने कहा कि नित्यानंद जैसे अनुभवी अधिकारी का विश्वविद्यालय परिवार में शामिल होना संस्थान के लिए अत्यंत सुखद है। उन्होंने कहा, "नित्यानंद को विभिन्न विश्वविद्यालयों में कार्य करने का व्यापक अनुभव प्राप्त है। उनकी प्रशासनिक दक्षता, अनुशासनप्रियता एवं कार्य के प्रति प्रतिबद्धता विश्वविद्यालय की कार्यसंस्कृति को और अधिक सशक्त बनाएगी। हमें विश्वास है कि उनके सहयोग से प्रशासनिक प्रक्रियाओं में और अधिक गति आएगी तथा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।"
कार्यभार ग्रहण के अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने नित्यानंद का स्वागत किया तथा उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। विश्वविद्यालय परिवार ने आशा व्यक्त की कि उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता से संस्थान के विकासात्मक कार्यों को नई दिशा मिलेगी तथा विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनेगी।