अधिवक्ता प्रकरण में डीएम,एसपी ने आरोप को जांच के बाद बताया निराधार

Update: 2021-12-05 11:26 GMT

देवरिया। जिला प्रशासन ने अधिवक्ता विष्णु कुमार जायसवाल प्रकरण को लेकर पत्रकारों से बातचीत करते हुये बताया कि अधिवक्ता विष्णु कुमार जायसवाल पुत्र दुर्गा प्रसाद जायसवाल ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि 1 दिसम्बर को 6.30 बजे सायं उपजिलाधिकारी सदर सौरभ सिंह के आदेशानुसार प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अनुज सिंह ने उन्हे अकारण घर से उठाकर कोतवाली ले जाया गया एवं अभद्रता करते हुये छोड़ दिया। पुनः 9.30 बजे सायं उन्हे प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अनुज सिंह एवं उनके हमराहियों द्वारा सुभाष चौक से पकड़कर कोतवाली ले जाया गया एवं वहॉ पर मारा पीटा गया तथा 2 दिसम्बर को प्रातः 4 बजे छोड़ दिया गयाा। विष्णु कुमार जायसवाल ने प्रेषित प्रार्थना पत्र में दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई करने, अपना मेडिकल कराने तथा जानमाल की सुरक्षा हेतु गुहार लगायी थी। जिसको गंभीरता से लेते हुये जिलाधिकारी ने 2 दिसम्बर को प्रकरण की जॉच हेतु 3 सदस्यीय जॉच कमेटी अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में बनायी गयी। जिसमें अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सोनकर और अपर उप जिलाधिकारी सदर गजेन्द्र कुमार भी थे। जॉच टीम में सहयोग एवं पारदर्शिता हेतु सिविल बार एसो. सिंघासन गिरी को नामित किया गया। प्रकरण की जॉच के बाद कमेटी ने 2 दिसम्बर को जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। जॉच टीम कोतवाली परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जॉच की गयी।

जिसमें पाया गया कि 1 दिसम्बर को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली का वाहन सायं 6 बजे से 1 बजे के अन्तराल के मध्य मात्र एक बार सायं 8.06 बजे परिसर में प्रविष्ट हुआ। जिसमें से मात्र कुछ आरक्षी उतरते हुये दिखे एवं वही वाहन सायं 8.25 बजे कोतवाली परिसर से पुनः बाहर चला गया। सायं 6 बजे से 10 बजे के अन्तराल के मध्य पूरे कोतवाली परिसर में कही भी विष्णु कुमार जायसवाल का प्रवेश होना नही पाया गया। इससे यह साफ होता है कि विष्णु प्रसाद जायसवाल को कोतवाली में पुलिस कर्मियों द्वारा प्रताड़ित नही किया गया है। वही उनके काल डिटेल रिपोर्ट से यह साफ होता है कि 1 दिसम्बर के सायं 9.26 से 2 दिसम्बर को प्रातः 7.47 बजे तक उनकी अवस्थिति उनके आवास पर थी। इस दौरान उनके द्वारा 12 बार विभिन्न व्यक्तियों से वार्ता की गयी है। इसमें 5 व्यक्तियों से उनकी लंबी वार्ता हुई है। वही एसडीएम सदर व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के बीच किसी भी प्रकार की बात नही होना पाया गया। सम्पूर्ण जॉच रिपोर्ट में कोतवाली परिसर में विष्णु कुमार जायसवाल के साथ किसी प्रकार की कोई घटना नही होना पाया गया। जॉच कमेटी ने अधिवक्ता को अपना पक्ष रखने हेतु बुलाया गया। मगर वह अपना पक्ष रखने हेतु प्रस्तुत नही हुये। प्रेस वार्ता में एसपी डा.श्रीपति मिश्र, एसडीएम प्रशासन कुॅवर पंकज, एडीएम वित्त राजस्व गजेन्द्र कुमार आदि उपस्थित रहे।

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