इतिहास से निकालकर : फ्रेंज ओस्टिन - भाग २, " दुनिया कहती मुझको पागल मै कहती दुनिया है पागल "|
१९३६ में ही एक और फिल्म आती है जन्मभूमि इस फिल्म के माध्यम से भी अंध विश्वास और जाति प्रथा पर प्रभावशाली तरीके से प्रहार किया जाता है | इसमें एक दृश्य है जिसमे एक व्यक्ति अत्यंत बीमार है और वो डॉक्टर अजय कुमार से कहता है कि वो जीना चाहता है पर डॉक्टर उसको बचा नही पाता | वही एक पागल स्त्री बाहर गाना...
फिल्म विश्लेषण भाग 3: फिल्मों में दिखाए गए संकेत को समझने के लिए उसके सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक कॉन्टेक्स्ट को ध्यान में रखना चाहिए : प्रो गोविंद जी पाण्डेय
फिल्मों में दिखाए गए संकेत को समझने के लिए उसके सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक कॉन्टेक्स्ट को ध्यान में रखना चाहिए। जिस तरह से हमने देखा की अ पोस्टमैन रिंग्स ट्वॉइस फिल्म में जिस समय मुख्य किरदार की एंट्री होती है और वह हीरोइन से मुलाकात करता है उस समय एक शॉट है जिसमें एक लिपस्टिक लुढ़कते हुए हीरो...
Virat and Surya k Yadav scored magnificent fifties to take India on 179/2
Indian Captain Rohit Sharma won the toss and elected to bat first. His decision to bat did not prove fruitful initially as India lost its opener, Rahul, very early and Both Virat and Rohit were struggling to score.Rohit soon find his touch and started hitting boundaries. With Virat and Rohit at the...
इतिहास से निकालकर : फ्रेंज ओस्टिन वो नाम है जिसके बिना भारतीय फिल्म इतिहास की कहानी अधूरी है : प्रो गोविंद जी पाण्डेय
फ्रेंज ओस्टिन वो नाम है जिसके बिना भारतीय फिल्म इतिहास की कहानी अधूरी है | जमर्नी के एक शहर म्युनिक , बवेरिया में २३ दिसम्बर १८७६ में जन्मे इस कलाकार ने भारत में फिल्म निर्देशक , कलाकार हिमांशु राय के साथ मिलकर फिल्म निर्माण में कई कीर्तिमान स्थापित किये है | जब १९२९ में उन्होंने ए थ्रो ऑफ़ डायस...
फिल्म विश्लेषण भाग 2- फिल्म को एक बार नहीं कई बार देखना चाहिए: प्रो गोविंद जी पाण्डेय
फिल्म को देखने का तरीका क्या हो इस पर काफी बहस हो चुकी है कई लोग कहते हैं कि फिल्म को ध्यान से देखना चाहिए तो कई लोग कहते हैं कि फिल्म को देखते समय नोटपैड लेकर देखना चाहिए जिससे जरूरी बातों को हम लिख सकें। पर वही कुछ लोगों का मत है कि अगर हम नोटपैड लेकर फिल्म देखते हैं और कुछ लिखते हैं तो हमारा...
Bachpan Express Film Analysis Exercise: Film: The Graduate (1967)
This shot from The Graduate is one of the most famously composed images in film history. What does it convey? Whyis it so effective?Try to answer the questions about your understanding of the shot and its relation to the narrative structure, semiotics, and mise-en-scene analysis.send your analysis...
फिल्मों को पढ़ने का तरीका विस्तार से पढ़ने के लिए आप जुड़े रहे बचपन एक्सप्रेस के साथ।
जबसे फिल्मों का विकास हुआ है तब से अब तक फिल्म को समझने और उसके बारे में लिखने के तरीके में काफी बदलाव आया है। फिल्म का इतिहास भारत में विश्व के इतिहास के साथ चलता रहा है 1895 में जब लुमियर ब्रदर्स ने फ्रांस में अपनी फिल्मों का प्रदर्शन किया उसके कुछ दिनों बाद ही 1896 में भारत में लुमियर ब्रदर्स ने...
ब्रिटेन में रचा नया इतिहास ,हिंदू बना ब्रिटेन का प्रधानमंत्री
ब्रिटेन में सारी आशंकाओं को एक तरफ करते हुए ऋषि सुनक को अपना अगला प्रधानमंत्री चुन लिया है इसके लिए उनको बधाई।ऋषि सुनक को भारतवासी एक ऐसे ब्राह्मण नेता के रूप में जानते हैं जिसने ब्रिटेन के संसद में गीता पर हाथ रखकर शपथ खाई थी।ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था इस समय काफी बुरी हालत में है और उन्हें एक ऐसे...
बड़ौदा में दो समुदायों के बीच चला पेट्रोल बम
एक तरफ दिवाली का त्यौहार चल रहा था दूसरी तरफ बड़ौदा में दो कम्युनिटी के बीच जंग चल रही थी जिसमें पेट्रोल बम से लेकर पत्थर सब चल रहा था।सूत्रों की अगर मानें तो पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 19 लोगों को अब तक गिरफ्तार कर लिया है और जिन लोगों ने आगजनी की है उनकी पहचान की जा रही है।हालांकि है इस तरह...
समान सिविल संहिता : शाहबानो से शायरा बानो, सूफिया अहमद, विधि विभाग, बीबीएयू.
१८ अक्टूबर २०२२ को अश्विनी कुमार उपाध्याय बनाम भारत सरकार एंड अन्यके वाद में सुनवाई के दौरान विधि मंत्रालय ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया कि "वह संसद को कोई कानून बनाने या अधिनियमित करने का निर्देश नहीं दे सकता है। देश के नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता की मांग करने वाली जनहित याचिका...
भारतीय रेल पूरे देश को जोड़ने का महान कार्य करती है :श्री संजीव भूटानी
राष्ट्रीय एकता पर्व एवं कला उत्सव 2022-23केन्द्रीय विद्यालय आर डी एस ओ, लखनऊ मेंआज राष्ट्रीय एकता पर्व एवं कला उत्सव 2022-23 का विधिवत शुभारम्भ हुआ. इस समारोह का उद्घाटनमुख्य अतिथि के रूप में,आर डी एस ओ लखनऊ के महानिदेशक एवं अध्यक्ष विद्यालय प्रबंध समिति, श्री संजीव भूटानी जी ने किया. मुख्य अतिथि...
भीम राव अंबेडकर यूनिवर्सिटी मे चैनपुरवा कायाकल्प फाउंडेशन ने सामाजिक परिवर्तन की पहल से परिचित कराने के लिए एक स्टॉल लगाया।
आज भीम राव अंबेडकर यूनिवर्सिटी मे चैनपुरवा कायाकल्प फाउंडेशन ने सामाजिक परिवर्तन की पहल से परिचित कराने के लिए एक स्टॉल लगाया। इस अवसर पर प्रो राणा प्रताप सिंह, प्रो गोविन्द पांडेय, डॉ अनीस अहमद, डॉ चौरसिया सहित विशिष्ट अतिथियों के मध्य डॉ अरविन्द चतुर्वेदी ने फाउंडेशन के बारे में बताया और...












