सरकार ने चीनी व्यापारियों के लिए भंडार अवधि घटाकर 15 दिन कर दी है। इसके साथ ही, भंडार सीमा एक हजार क्विंटल निर्धारित की है। यह इस वर्ष नवंबर तक लागू रहेगी। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने जमाखोरी को रोकने और त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चीनी भंडार मानदंडों में संशोधन किया है।

संशोधित प्रावधानों के तहत, कोलकाता और इसके क्षेत्रों तथा असम के लिए भंडार सीमा दो हजार क्विंटल निर्धारित की गई है। मंत्रालय ने कहा कि कोलकाता उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक से चीनी लेकर पूर्वोत्तर क्षेत्र सहित देश के पूर्वी हिस्से में इसकी आपूर्ति करता है। असम के लिए उच्च सीमा भौगोलिक बाधाओं, परिवहन व्यवस्था और पूर्वोत्तर क्षेत्र में उपभोक्ता हित को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की गई है।

मंत्रालय ने कहा कि औसत खुदरा चीनी के मूल्य में अगस्त में अपने उच्चतम स्तर से 15 प्रतिशत तक कमी आई हैं। चीनी के मूल्य में और कमी हो सकती है। मिल से प्राप्त चीनी की कीमतों में भी लगभग 28 प्रतिशत की गिरावट आई है और पिछले तीन हफ्तों से ये स्थिर बनी हुई हैं।

चीनी की कीमतों में कमी सरकार के चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और बाजार में इसके सुचारू संचलन को सुगम बनाने के लिए उठाए गए विभिन्न उपायों के प्रभाव का असर है। थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं से यह भी आग्रह किया गया है कि वे मिल से निकलने वाली चीनी की कीमतों में आई भारी गिरावट का लाभ तुरंत उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं।