अटल बिहारी वाजपेयी स्कूल ऑफ़ लीगल स्टडीज़ में ‘अभिव्यक्ति 2.0’ का सफल आयोजन
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के अटल बिहारी वाजपेयी स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज़ में दो दिवसीय साहित्यिक महोत्सव ‘अभिव्यक्ति 2.0’ का भव्य एवं सफल आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के दूरदर्शी नेतृत्व, शैक्षिक उत्कृष्टता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की परिकल्पना का सशक्त प्रतिबिंब रहा। उनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय में निरंतर नवाचार, बौद्धिक संवाद एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहन मिल रहा है, जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण यह महोत्सव रहा।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस क्लास डेकोरेशन प्रतियोगिता, ‘क्विज-ओ-मानिया’ का प्रथम चरण तथा डेकोर डी ज्योर आयोजित किया गया।
द्वितीय दिवस में क्विज-ओ-मानिया का अंतिम चरण आयोजित हुआ, जिसमें छह टीमों ने फाइनल में प्रतिस्पर्धा की।
इसी दिन ‘राइटर्स एरीना’ (लेख–लेखन प्रतियोगिता), ‘जस्ट-ए-मिनट (JAM)’ तथा ‘नुक्कड़ नाटक’ प्रतियोगिताएँ भी संपन्न हुईं। सभी प्रतियोगिताओं की केंद्रीय थीम “सामाजिक-वैधानिक समस्याएँ” रही।
कार्यक्रम का समन्वयन सहायक आचार्या सुश्री विधि कटियार, सहायक आचार्या सुश्री हेमलता निनोरिया, सहायक आचार्या सुश्री शैलजा सचान, सहायक आचार्य श्री मोहित अवस्थी एवं सहायक आचार्य श्री ऋषि श्रीवास्तव द्वारा किया गया, जबकि छात्र समन्वयक के रूप में खुशी सिंह एवं वैभव पाठक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतियोगिताओं के परिणाम
राइटर्स एरीना
विजेता — मुस्कान चौधरी (BALLB 10वाँ सेमेस्टर)
नुक्कड़ नाटक
विजेता — टीम यथार्थ (BALLB द्वितीय सेमेस्टर)
डेकोर डी ज्योर
विजेता — LLB द्वितीय सेमेस्टर
जस्ट-ए-मिनट (JAM)
विजेता — आभा बाजपेयी (LLB चतुर्थ सेमेस्टर)
क्विज-ओ-मानिया
विजेता — टीम बृहस्पति (BALLB 8वाँ सेमेस्टर)
‘राइटर्स एरीना’ प्रतियोगिता का निर्णयन सहायक आचार्या सुश्री कौशिकी त्रिवेदी, सहायक आचार्या सुश्री मीनाक्षी, सहायक आचार्या सुश्री श्रवणी पाण्डेय, सहायक आचार्या सुश्री अपर्णा तथा सहायक आचार्य श्री ऋषि श्रीवास्तव द्वारा किया गया।
‘जस्ट-ए-मिनट (JAM)’ प्रतियोगिता का निर्णयन सहायक आचार्य श्री प्रेरित नारायण मिश्रा एवं सहायक आचार्या सुश्री दीक्षा बाजपेयी द्वारा किया गया।
‘नुक्कड़ नाटक’ प्रतियोगिता का पर्यवेक्षण श्री मोहित अवस्थी एवं सुश्री शैलजा सचान द्वारा किया गया। निर्णायक मंडल में सहायक आचार्या सुश्री मयूरी सिंह, सहायक आचार्या सुश्री श्रवणी पाण्डेय, सहायक आचार्या सुश्री मीनाक्षी एवं सहायक आचार्य श्री अशोक कुमार सम्मिलित रहे।
डेकोर डी ज्योर का निर्णयन संस्थान के सहायक निदेशक डॉ शामिउद्दीन एवं संस्थान के शिक्षकों द्वारा किया गया।
वहीं सहायक आचार्या सुश्री मेघना बाजपेई के कुशल नेतृत्व में कार्यक्रम का प्रसारण तथा रिपोर्टिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन छात्र गोविंद, प्रसून, दिव्यांश, जॉली, दिव्यांशी, आयुष द्वारा किया गया।
समापन समारोह में विश्वविद्यालय के मुख्य कुलानुशासक डॉ. शशिकांत त्रिपाठी, विभाग की निदेशिका डॉ. स्मृति रॉय, सहायक निदेशक डॉ. राहुल तिवारी एवं डॉ. दिव्यांश शुक्ल तथा कार्यक्रम के समन्वयक सहित विभाग के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
मुख्य कुलानुशासक डॉ. शशिकांत त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि विचारों को प्रभावी रूप से अभिव्यक्त करने की क्षमता ही एक विधि छात्र को परिपक्व अधिवक्ता में रूपांतरित करती है।
विभाग की निदेशिका डॉ. स्मृति रॉय ने छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक की थीम — सस्टेनेबल डेवलपमेंट एवं नारी सशक्तिकरण — की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
सहायक निदेशक डॉ राहुल तिवारी ने विधि छात्रों को अभिव्यक्ति की गरिमा का महत्व बताया।
सहायक निदेशक डॉ. दिव्यांश शुक्ल ने ‘अभिव्यक्ति 1.0’ से ‘अभिव्यक्ति 2.0’ तक की यात्रा का उल्लेख करते हुए कार्यक्रम की निरंतर प्रगतिशील परंपरा पर प्रकाश डाला।
‘अभिव्यक्ति 2.0’ ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता एवं विधिक समझ को प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच प्रदान किया। यह आयोजन न केवल शैक्षिक उत्कृष्टता का प्रतीक बना, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, विधिक जागरूकता तथा संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने में भी सहायक सिद्ध हुआ।