महिला सशक्तिकरण और समानता पर भाषा विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के शिक्षा विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक सार्थक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के एकेडमिक ब्लॉक स्थित पीएच.डी. कॉन्फ्रेंस रूम में आयोजित हुआ, जिसमें विभाग के शिक्षकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण में तथा शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नलिनी मिश्रा के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देना तथा महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए हुई। इस अवसर पर बोलते हुए लेफ्टिनेंट डॉ बुशरा अलवेरा ने कहा कि यह दिवस विश्वभर में महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक योगदान को सम्मान देने तथा उनके अधिकारों और समान अवसरों की स्थापना के लिए मनाया जाता है। साथ ही उन्होंने कहा की शिक्षा के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने महिला सशक्तिकरण, समानता, नेतृत्व तथा समाज में महिलाओं की भूमिका विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर बोलते हुए विभाग के शिक्षक डॉ राम दस ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा महिलाओं को आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता प्रदान करती है, जिससे वे समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
वहीं अपने संबोधन में डॉ. आयुष मिश्रा विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे समाज में समानता, सम्मान और संवेदनशीलता की भावना को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। वहीं डॉ विभा सिंह ने महिला सम्मान, समानता और सामाजिक जागरूकता का संदेश देते हुए एक समतामूलक और संवेदनशील समाज के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम में डॉ. श्वेता अग्रवाल, डॉ. पूजा सिंह, डॉ. अनुपमा यादव, डॉ. निहारिका, डॉ. रामकिशन पाल तथा डॉ. ज्योति गुप्ता सहित विभाग के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को महिला सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।