भाषा विश्वविद्यालय में दीक्षोत्सव–2026 के अंतर्गत ‘एक छात्र–एक पुस्तक’ अभियान एवं लोक नृत्य प्रतियोगिता का भव्य आयोजन

Update: 2026-07-03 13:11 GMT


लखनऊ, 3 जुलाई। माननीय कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा तथा विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में आगामी दीक्षोत्सव–2026 के अंतर्गत ‘एक छात्र–एक पुस्तक’ अभियान एवं लोक नृत्य प्रतियोगिता का उत्साहपूर्ण एवं सफल आयोजन किया गया। दोनों कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता ने विश्वविद्यालय परिसर को ज्ञान, संस्कृति और सृजनात्मक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

‘एक छात्र–एक पुस्तक’ अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में पठन-पाठन की संस्कृति को प्रोत्साहित करना, पुस्तकों के आदान-प्रदान की परंपरा को सशक्त बनाना तथा स्वाध्याय एवं ज्ञान-साझेदारी की भावना को विकसित करना रहा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने पुस्तकें साझा कर इस अभिनव पहल को सफल बनाया।

इस अवसर पर अपने संदेश में कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा, “पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की सबसे सशक्त साथी होती हैं। ‘एक छात्र–एक पुस्तक’ अभियान विद्यार्थियों में अध्ययन की संस्कृति, बौद्धिक संवाद और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करेगा। मुझे प्रसन्नता है कि विश्वविद्यालय परिवार इस प्रेरणादायी पहल को पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ा रहा है।”

इसी क्रम में विश्वविद्यालय परिसर में लोक नृत्य प्रतियोगिता का भी भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय लोक संस्कृति, पारंपरिक कला एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान, जागरूकता एवं संरक्षण की भावना को प्रोत्साहित करना था।

प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने देश के विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर दर्शकों का मन मोह लिया। पारंपरिक वेशभूषा, जीवंत संगीत, भावपूर्ण अभिव्यक्ति एवं उत्कृष्ट नृत्य-कौशल ने कार्यक्रम को भारतीय सांस्कृतिक विविधता के अनुपम उत्सव में परिवर्तित कर दिया। प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों को उपस्थित दर्शकों एवं निर्णायक मंडल ने सराहा।

दोनों कार्यक्रमों का सफल समन्वयन एवं आयोजन दीक्षोत्सव की संयोजक एवं सांस्कृतिक समिति की अध्यक्ष डॉ. नलिनी मिश्रा के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार ने संकल्प लिया कि दीक्षोत्सव–2026 के अंतर्गत आयोजित होने वाले शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, ज्ञान-विस्तार तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के उद्देश्य को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।

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