भाषा विश्वविद्यालय में माइक्रोबियल बायोटेक्नोलॉजी पर 6 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला एवं एफडीपी का ब्रॉशर विमोचित

Update: 2026-01-22 13:44 GMT


ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय लखनऊ में जैव-प्रौद्योगिकी अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आज माइक्रोबियल बायोटेक्नोलॉजी तकनीक एवं उपकरणों पर 6 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला एवं फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) के ब्रॉशर विमोचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यशाला की विवरणिका का औपचारिक विमोचन विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर डॉ. ममता शुक्ला, विभागाध्यक्ष (जैव-प्रौद्योगिकी अभियांत्रिकी), डॉ. मनवेन्द्र सिंह (सह-समन्वयक), डॉ. इफ्त आज़िम, इं. धीरेंद्र सिंह, इं. शिवांशी त्रिपाठी एवं इं. राशि श्रीवास्तव उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वय में सक्रिय भूमिका निभाई।

इस अवसर पर बोलते हुए अपने संबोधन में माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने जैव-प्रौद्योगिकी विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण आधारित कार्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों की व्यावहारिक दक्षता, अनुसंधान क्षमता तथा उद्योगोन्मुख तैयारी को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह 6 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला एवं एफडीपी आगामी 2 फरवरी से 7 फरवरी 2026 तक विश्वविद्यालय परिसर स्थित अटल हॉल में आयोजित की जाएगी। कार्यशाला के अंतर्गत माइक्रोबियल कल्चर, स्टेरिलाइजेशन, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी तकनीकें, स्पेक्ट्रोफोटोमीटर प्रदर्शन, हर्बल एक्सट्रैक्शन एवं एकीकरण जैसे विषयों पर गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आमंत्रित विशेषज्ञ वक्ता एवं संसाधन व्यक्ति सहभागियों को व्याख्यान एवं प्रयोगात्मक सत्रों के माध्यम से मार्गदर्शन देंगे।

कार्यशाला की संयोजक डॉ. ममता शुक्ला ने बताया कि यह एफडीपी सैद्धांतिक ज्ञान और प्रयोगशाला आधारित कौशल के बीच की दूरी को कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। वहीं डॉ. मनवेन्द्र सिंह ने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम उभरते जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में क्षमता निर्माण की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।

यह कार्यशाला Bioverse Technologies Pvt. Ltd. द्वारा प्रायोजित है तथा विद्यार्थियों, शोधार्थियों, संकाय सदस्यों एवं पेशेवरों द्वारा पंजीकरण कराया जा सकता है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 27 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।

ब्रॉशर विमोचन कार्यक्रम के माध्यम से भाषा विश्वविद्यालय ने कौशल-आधारित शिक्षा एवं अनुसंधान उन्मुख शिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है।

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