भाषा विवि में हुआ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ऑन रोबोटिक्स, ऑटोमेशन एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग (ICRAME) का आयोजन
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय (KMC Language University), लखनऊ में प्रथम अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ऑन रोबोटिक्स, ऑटोमेशन एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग (ICRAME 2026) का उद्घाटन सत्र आज भव्य रूप से संपन्न हुआ। 30-31 जनवरी को आयोजित यह दो दिवसीय वैश्विक आयोजन रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में शोधकर्ताओं, विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं को एक साथ ला रहा है, ताकि भविष्योन्मुखी तकनीकों पर विचार-विमर्श हो सके।
उद्घाटन सत्र विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा और मुख्य अतिथि एकेटीयू के कुलपति प्रोफेसर जे.पी. पांडेय द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से प्रारंभ हुआ। सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से पौधा भेंट और बैच लगाकर स्वागत किया गया। सम्मेलन के आयोजक एवं मुख्य संयोजक डॉ. एस.ए. रिजवी ने स्वागत भाषण में भारत में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन तकनीकों की तेजी से उभरती संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “यह सम्मेलन न केवल नवीनतम अनुसंधान को प्रदर्शित करेगा, बल्कि उद्योग-अकादमी साझेदारी को मजबूत कर उत्पादकता और नवाचार को बढ़ावा देगा।”
मुख्य अतिथि प्रो. जे.पी. पांडेय ने अपने संबोधन में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन को ‘भविष्य की औद्योगिक क्रांति का आधार’ बताया। उन्होंने कहा, “ऑटोमेशन उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” प्रो. पांडेय ने आइंस्टीन के प्रसिद्ध सूत्र E = mc^2 का हवाला देते हुए तकनीकी शिक्षा में मौलिक सिद्धांतों की सीख पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने क्वांटम कंप्यूटिंग की भविष्य की प्रासंगिकता, चुनौतियों और रोबोटिक्स में इसके संभावित अनुप्रयोगों पर विस्तृत चर्चा की।
सम्मेलन के अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने ICRAME 2026 को ‘तकनीकी विचारों का वैश्विक आदान-प्रदान मंच’ करार दिया। उन्होंने स्वायत्त प्रणालियों (Autonomous Systems), एआई-आधारित नियंत्रण प्रणालियों (AI-based Control Systems), स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग (Smart Manufacturing) और एकीकृत प्रौद्योगिकियों (Integrated Technologies) के सतत विकास में योगदान पर प्रकाश डाला। प्रो. तनेजा ने कहा, “यह सम्मेलन न केवल तकनीकी प्रगति को गति प्रदान करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक रोबोटिक्स हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।”
सम्मेलन में 6 से अधिक देशों से आए 75 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जो मशीन विजन (Machine Vision), ह्यूमन-रोबोट इंटरैक्शन (Human-Robot Interaction), सस्टेनेबल मैकेनिकल डिजाइन (Sustainable Mechanical Design), एआई एकीकरण और औद्योगिक ऑटोमेशन जैसे उन्नत विषयों पर केंद्रित हैं।
आयोजक डॉ. एस.ए. रिजवी ने बताया कि यह आयोजन उद्योग-अकादमी सहयोग को सशक्त बनाने और युवा शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया है। उद्घाटन समारोह का धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग निदेशक डॉ. राजेंद्र त्रिपाठी ने किया, जबकि कार्यक्रम का सुचारू संचालन डॉ. नीरज शुक्ला ने किया। इस अवसर पर प्रो. मसूद आलम, प्रो. सौबान सईद, प्रो. चंदना डे, डॉ. उन्नीकृष्णन, डॉ. वीरेंद्र कुमार पटेल सहित विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।