भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के जैव प्रौद्योगिकी अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

Update: 2026-02-04 11:11 GMT

विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर 04 फरवरी 2026 को ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के जैव प्रौद्योगिकी अभियांत्रिकी विभाग द्वारा एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कैंसर, उसके कारणों, रोकथाम तथा शीघ्र पहचान के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाना था। इस अवसर पर युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण में किया गया, जिन्होंने मुख्य संरक्षक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम को कुलसचिव डॉ. महेश कुमार एवं वित्त अधिकारी श्री सजीव गुप्ता का भी संरक्षण प्राप्त रहा। कार्यक्रम के संयोजक एफओईटी के निदेशक डॉ. आर.के. त्रिपाठी एवं जैव प्रौद्योगिकी अभियांत्रिकी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. ममता शुक्ला रहीं।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. आर.के. त्रिपाठी के स्वागत उद्बोधन से हुई, जिसमें उन्होंने वैश्विक स्तर पर बढ़ते कैंसर के बोझ पर प्रकाश डालते हुए जागरूकता, समय पर निदान तथा वैज्ञानिक अनुसंधान की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे शैक्षणिक एवं स्वास्थ्योन्मुख कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत विशेषज्ञ व्याख्यान भी आयोजित किए गए।

डॉ. स्वरूप पांडेय ने कैंसर अनुसंधान की पद्धतियों पर व्याख्यान देते हुए बताया कि किस प्रकार पशु मॉडल और सेल कल्चर तकनीकों के माध्यम से कैंसर की जैविक प्रकृति को समझा जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला आधारित अनुसंधान नई दवाओं के परीक्षण और लक्षित उपचार विकसित करने में सहायक होता है, साथ ही नैतिक मूल्यों और वैज्ञानिक अनुशासन के महत्व पर भी बल दिया।

डॉ. राजीव मिश्रा ने महिलाओं में होने वाले कैंसर, विशेष रूप से स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने इनके कारणों, जोखिम कारकों, प्रारंभिक लक्षणों तथा स्क्रीनिंग विधियों की जानकारी दी। उन्होंने समय पर जांच, स्व-परीक्षण और नियमित चिकित्सकीय परामर्श के महत्व पर जोर देते हुए छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु एचपीवी टीकाकरण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

चंदन कैंसर संस्थान, लखनऊ के हेड एंड नेक ऑनकोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) गौरव सिंह ने कैंसर के सामान्य कारणों और रोकथाम में जीवनशैली की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तंबाकू सेवन, शराब, असंतुलित आहार और शारीरिक निष्क्रियता कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं। साथ ही उन्होंने स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम तथा नशे से दूर रहने की सलाह दी।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे डॉ. ममता शुक्ला ने प्रस्तुत किया। उन्होंने वक्ताओं, विश्वविद्यालय प्रशासन, आयोजन समिति एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. मनवेन्द्र सिंह, डॉ. इफ्त अख़्तर आज़िम, इं. धीरेंद्र सिंह, इं. शिवांशी त्रिपाठी एवं इं. राशि श्रीवास्तव के समन्वय से संपन्न हुआ। यह जागरूकता कार्यक्रम कैंसर की रोकथाम, शीघ्र पहचान तथा इसके विरुद्ध वैज्ञानिक प्रयासों के प्रति युवाओं को जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

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