विश्व कैंसर दिवस पर भाषा विवि में हुआ फार्मेसी संकाय का जागरूकता अभियान, विशेषज्ञ ने बताए बचाव व उपचार के उपाय

Update: 2026-02-06 13:03 GMT


ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के फार्मेसी संकाय द्वारा विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर व्याख्यान एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों के साथ-साथ समाज में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय रहते जांच के महत्व को समझाना तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी देना रहा।

कार्यक्रम विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण में संपन्न हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. शशांक चौधरी, प्रिंसिपल कंसल्टेंट, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी एवं कैंसर केयर, मैक्स हेल्थकेयर ने अपने व्याख्यान में कैंसर के विभिन्न प्रकारों, उनके प्रमुख कारणों जैसे तंबाकू सेवन, असंतुलित आहार, शारीरिक निष्क्रियता एवं तनावपूर्ण जीवनशैली पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान, समय पर जांच और सही उपचार को जीवन रक्षक बताया। साथ ही आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों, सर्जरी, कीमोथेरेपी एवं रेडियोथेरेपी की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला। डॉ. शशांक चौधरी ने छात्रों से अपील की कि वे जन-जागरूकता अभियानों, शोध एवं सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी को मंच देने के उद्देश्य से पोस्टर मेकिंग, पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन एवं क्विज प्रतियोगिता जैसी विविध शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में 13 प्रतिभागियों ने अपने संदेशों के माध्यम से कैंसर के प्रति जागरूकता का प्रभावी चित्रण किया (प्रथम स्थान चांदनी पटेल, द्वितीय स्थान पर शिवम् राजपूत एवं नषरा बानो एवं तरन्नुम तृतीय स्थान) । पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में 9 प्रतिभागियों ने सहभागिता करते हुए विषय की गंभीरता को सारगर्भित ढंग से प्रस्तुत किया, जिसमें सुहाना अली एवं शाफिन नईम ने प्रथम, निर्जला श्रीवास्तव ने द्वितीय तथा प्रियांशु मौर्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं क्विज प्रतियोगिता में 85 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कैंसर से संबंधित अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया, जिसमें मो. फरमान अली प्रथम, बुशरा अमिन द्वितीय एवं संजीव कश्यप तृतीय स्थान पर रहे। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से यह स्पष्ट हुआ कि युवा वर्ग कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक होकर समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने के लिए तत्पर है।कार्यक्रम का समन्वयन प्रो. शालिनी त्रिपाठी द्वारा किया गया। फार्मेसी संकाय के सभी शिक्षकगण, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रो. शालिनी त्रिपाठी ने सभी अतिथियों, शिक्षकगण एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम न केवल छात्रों को स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनाते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक एवं जिम्मेदार सोच विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


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