महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय में विकास का नया अध्यायए

Update: 2026-02-09 11:01 GMT


आजमगढ़। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए एक ही दिन शिक्षा, रचनात्मकता और स्वास्थ्य से जुड़ी दो महत्वपूर्ण सुविधाओं—संगीत कक्ष एवं विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र—का शुभारंभ किया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित दोनों कार्यक्रम गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुए।इन पहलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ मानसिक, सांस्कृतिक और शारीरिक रूप से भी सशक्त बनाना है। यह प्रयास माननीय कुलपति के दूरदर्शी मार्गदर्शन एवं उदार अनुमोदन का परिणाम है।

विश्वविद्यालय परिसर स्थित अकादमिक भवन-1 के तृतीय तल पर 9 फरवरी को संगीत कक्ष का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर माननीय कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने का केंद्र नहीं होता, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और रचनात्मक क्षमता के विकास का सशक्त मंच होता है। उन्होंने कहा कि संगीत कक्ष छात्रों की छिपी प्रतिभाओं को अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान करेगा तथा उनके मानसिक संतुलन, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करेगा।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए तृषिका श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय ने युवा मस्तिष्कों की सृजनात्मक क्षमता को समझते हुए यह पहल की है। भविष्य में संगीत कक्ष के माध्यम से नियमित अभ्यास सत्र, प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं विविध सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

इसी क्रम में 9 फरवरी को ही विश्वविद्यालय परिसर स्थित सुविधा केंद्र में विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन किया गया। यह उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य छात्रों एवं कर्मचारियों को परिसर के भीतर ही सुलभ, किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण होम्योपैथिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। कुलपति ने भविष्य में आयुर्वेदिक एवं एलोपैथिक सेवाएँ भी प्रारंभ करने की घोषणा की।

इस अवसर पर कुलपति प्रो.संजीव कुमार ने कहा कि यह स्वास्थ्य केंद्र विश्वविद्यालय समुदाय के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को समय पर उपचार, परामर्श और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में यहाँ नियमित स्वास्थ्य परामर्श, जांच शिविर तथा स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएँगे।

दोनों कार्यक्रमों में कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र, राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अजय कुमार शुक्ल, प्रो. रजनीकान्त पांडेय, प्रो.बी.बी.तिवारी, डॉ.ऋतंभरा, डॉ.शिवानी, डॉ.यू.पी.सिंह,अग्रसेन पीजी कॉलेज की प्राचार्या प्रो निशा सहित विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहीं।एक ही दिन संगीत कक्ष और विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के शुभारंभ से विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।

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