कुलसचिव ने मीडिया से साझा की रूपरेखा, विश्वविद्यालय परिसर बनेगा युवा अभिव्यक्ति का केंद्र
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ एक बार फिर युवा ऊर्जा और सृजनात्मकता के महोत्सव का साक्षी बनने जा रहा है। 13–14 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाला बहुप्रतीक्षित “युवा तरंग” कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक आयोजन है,बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और रचनात्मक प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है।
कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देने हेतु विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.अंजनी कुमार मिश्र एवं ‘युवा तरंग–2026’ की संयोजिका प्रो.वंदना पांडेय ने आज अपराह्न 1:00 बजे शिब्ली नेशनल पीजी कॉलेज, आजमगढ़ में प्रेस वार्ता आयोजित कर मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस अवसर पर जनपद आजमगढ़ एवं मऊ के अनेक प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कुलसचिव डॉ.अंजनी कुमार मिश्र ने कहा कि “युवा तरंग हमारे विद्यार्थियों की रचनात्मक चेतना को मंच देने का प्रयास है। विश्वविद्यालय केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि हम युवाओं के व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास को अपना लक्ष्य मानते हैं। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।”उन्होंने आगे कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप विश्वविद्यालय ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों की बहुआयामी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित कर रहा है, जिससे शिक्षा का उद्देश्य अधिक व्यापक और जीवनोपयोगी बन सके।
“युवा तरंग–2026’ की संयोजिका प्रो.वंदना पांडेय ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि दो दिवसीय इस आयोजन में सांस्कृतिक, साहित्यिक, ललित कला एवं सृजनात्मक गतिविधियों से जुड़ी विविध प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी।“हम चाहते हैं कि विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के अधिकतम छात्र-छात्राएँ इस आयोजन में भाग लें। युवा तरंग केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि प्रतिभाओं के आदान-प्रदान और रचनात्मक संवाद का मंच है,” उन्होंने बताया कि विभिन्न समितियों का गठन कर आयोजन की तैयारियाँ युद्धस्तर पर की जा रही हैं, ताकि प्रतिभागियों को सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी वातावरण मिल सके।उल्लेखनीय है कि महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय क्षेत्र में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध गतिविधियों तथा छात्र-केंद्रित पहलों के माध्यम से विश्वविद्यालय ने अल्प समय में उल्लेखनीय प्रगति की है। “युवा तरंग” जैसे आयोजन इस विकास यात्रा का सांस्कृतिक आयाम प्रस्तुत करते हैं।विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल पुरस्कार तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने की प्रेरणा भी देते हैं।
प्रेस वार्ता के समापन पर कुलसचिव ने मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा—“मीडिया समाज का दर्पण है। आपकी सकारात्मक भूमिका से युवाओं की उपलब्धियाँ व्यापक समाज तक पहुँचती हैं और उन्हें नई ऊर्जा मिलती है। हमें विश्वास है कि ‘युवा तरंग’ को आपका पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।”सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई इस प्रेस वार्ता ने स्पष्ट कर दिया कि “युवा तरंग 2026” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवा अभिव्यक्ति, ऊर्जा और सृजन का उत्सव बनने जा रहा है। इस अवसर पर शिब्ली नेशनल पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ.अफसर अली भी मौजूद रहे |