महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय परिसर में ‘पेरिफेरल होम्योपैथिक चिकित्सा केंद्र’ का शुभारम्भ

Update: 2026-02-17 13:50 GMT


आजमगढ़, प्रतिनिधि। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय के समेदा परिसर में ‘पेरिफेरल होम्योपैथिक चिकित्सा केंद्र’ का विधिवत शुभारम्भ किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ तथा प्रमुख सचिव (आयुष) श्री रंजन कुमार की प्रेरणा से, निदेशक प्रो. डॉ. प्रमोद कुमार सिंह एवं प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में राजकीय श्री दुर्गा जी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल द्वारा इस केंद्र की स्थापना की गई है।

यह केंद्र विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा आसपास के नागरिकों को सुलभ, सुरक्षित और किफायती होम्योपैथिक उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उद्घाटन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार, कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा तथा सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) रजनीकांत पाण्डेय सहित आयुष विभाग एवं चिकित्सा क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पेरिफेरल होम्योपैथिक चिकित्सा केंद्र न केवल उपचार की सुविधा देगा, बल्कि आयुष पद्धति के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगा। उन्होंने आयुष विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल शिक्षा और स्वास्थ्य के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।

कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों ने होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति की विशेषताओं—प्राकृतिक उपचार, न्यूनतम दुष्प्रभाव और दीर्घकालिक लाभ—पर प्रकाश डाला। बताया गया कि केंद्र में सामान्य रोगों के परामर्श, निःशुल्क दवा वितरण तथा स्वास्थ्य परामर्श की सुविधा उपलब्ध रहेगी। भविष्य में स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता कार्यक्रम और आयुष आधारित जीवनशैली पर कार्यशालाओं के आयोजन की भी योजना है।

वहीं प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि चिकित्सा सेवा के साथ-साथ शोध और जन-जागरूकता गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। आयुष विभाग प्रदेश में जन-स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय परिसर में इस केंद्र की स्थापना से बड़ी संख्या में युवाओं को वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति का लाभ मिलेगा। दो चिकित्सक डॉ. सुरेंद्र कुमार सिंह (एसोसिएट प्रो.) एवं डॉ. अजय कुमार पाण्डेय (असिस्टेंट प्रो.) इस चिकित्सा केंद्र पर अपनी सेवाएं देंगे |

उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय एवं चिकित्सा संस्थान के अधिकारियों, संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों तथा कर्मचारियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ समाज, जागरूक युवा और सशक्त राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।

पेरिफेरल होम्योपैथिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना को विश्वविद्यालय परिसर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जो आयुष चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगा।

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