भाषा विवि में हुआ बौद्धिक संपदा अधिकार एवं पेटेंट एवं डिजाइन फाइलिंग पर सफल ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के व्यवसाय प्रशासन विभाग द्वारा आरजीएनआईआईपीएम, नागपुर (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार) के सहयोग से “बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) एवं पेटेंट और डिजाइन फाइलिंग” विषय पर 1 अप्रैल 2026 को प्रातः 11:00 बजे से एक सफल ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में 120 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की, जिनमें विद्यार्थी, शोधार्थी तथा विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि के संकाय सदस्य शामिल रहे। ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस सत्र का उद्देश्य नवाचार-आधारित वर्तमान परिवेश में बौद्धिक संपदा अधिकारों के बढ़ते महत्व, पेटेंट फाइलिंग प्रक्रिया तथा डिजाइन पंजीकरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।
कार्यशाला के विशेष वक्ता श्री कुमार राजू, सहायक नियंत्रक, पेटेंट एवं डिजाइन, आरजीएनआईआईपीएम, नागपुर रहे। उन्होंने IPR की मूल अवधारणाओं, पेटेंट ड्राफ्टिंग, फाइलिंग प्रक्रिया तथा डिजाइन संरक्षण के व्यावहारिक पहलुओं पर अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रभावशाली व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों को नवाचारों और शोध परिणामों की सुरक्षा से जुड़े विधिक एवं प्रक्रियात्मक ढांचे की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण में संपन्न हुआ। वाणिज्य संकाय के अधिष्ठाता प्रो. सैयद हैदर अली ने संयोजक की भूमिका निभाई, जबकि कार्यशाला का कुशल समन्वयन डॉ. हिनादी अकबर, सहायक प्राध्यापक, व्यवसाय प्रशासन विभाग द्वारा किया गया।
सत्र का समापन एक रोचक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने विशेषज्ञ से पेटेंट, कॉपीराइट एवं औद्योगिक डिजाइनों से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।