TiE UP के सहयोग से छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में “संस्थापक व्यक्तित्व एवं संचार” कार्यशाला का सफल आयोजन

Update: 2026-04-30 13:55 GMT


लखनऊ। छत्रपति शाहू जी महाराज इनोवेशन फाउंडेशन (CSJMIF) द्वारा प्रो. विनय कुमार पाठक, कुलपति, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के दूरदर्शी मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायी विज़न के अंतर्गत, TiE UP के सहयोग से 30 अप्रैल 2026 को CSJMIF के सेमिनार हॉल में “संस्थापक व्यक्तित्व एवं संचार” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।

यह कार्यशाला विशेष रूप से छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के स्टार्टअप्स एवं विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य उनमें प्रभावी संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास तथा उद्यमशील दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम में प्री-इन्क्यूबेटेड एवं इन्क्यूबेटेड स्टार्टअप्स, विद्यार्थियों तथा नवाचार के प्रति उत्साही युवाओं ने सक्रिय सहभागिता की, जिससे सत्र अत्यंत संवादात्मक एवं प्रेरणादायी रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में TiE UP के अध्यक्ष डॉ. राव विक्रम सिंह उपस्थित रहे। उनका स्वागत CSJMIF के सीईओ डॉ. दिव्यांश शुक्ला द्वारा किया गया। अपने संबोधन में डॉ. सिंह ने प्रभावी संचार, आत्मविश्वास एवं सशक्त संस्थापक व्यक्तित्व के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि किसी भी स्टार्टअप की सफलता में संस्थापक का व्यक्तित्व निर्णायक भूमिका निभाता है। यह न केवल हितधारकों को प्रभावित करता है, बल्कि विश्वास निर्माण एवं व्यवसाय के सतत विकास में भी सहायक होता है। उन्होंने प्रतिभागियों को उच्च लक्ष्य निर्धारित करने, चुनौतियों का दृढ़तापूर्वक सामना करने तथा निरंतर अपने संचार कौशल को परिष्कृत करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में अन्य विशिष्ट अतिथियों में श्री अंशु सिंह (सीआईओ, CSJMIF), श्री प्रभाकर सिंह (प्रोग्राम मैनेजर), श्री शैलेन्द्र कुमार यादव (इनोवेशन ऑफिसर) एवं श्री अनिल कुमार त्रिपाठी (इन्क्यूबेशन मैनेजर) सहित CSJMIF की टीम की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी के सहयोग एवं समन्वय से कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित हुआ।

इस अवसर पर डॉ. दिव्यांश शुक्ला ने प्रतिभागियों को CSJMIF द्वारा उपलब्ध कराई जा रही इन्क्यूबेशन सुविधाओं, मेंटरशिप एवं संस्थागत संसाधनों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि इन संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर नवाचारों को सफल एवं सतत स्टार्टअप्स में रूपांतरित किया जा सकता है।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई तथा इस प्रकार के और अधिक कौशल-विकास उन्मुख कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

Similar News