11 अगस्त को होगा महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह, समितियों के गठन के साथ तैयारियों को मिली रफ्तार

Update: 2026-06-04 14:10 GMT



आजमगढ़, 4 जून। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में आगामी वार्षिक दीक्षांत समारोह की संभावित तिथि अगस्त माह में निर्धारित होने के संकेत मिलते ही तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने परिसर स्थित शैक्षिक भवन-1 के सभागार में आयोजित बैठक में विभिन्न समितियों के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ करते हुए वरिष्ठ प्राध्यापकों एवं अधिकारियों को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे।

बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इसकी तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी समितियां आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और यदि किसी स्तर पर कोई समस्या उत्पन्न होती है तो सीधे कुलपति कार्यालय से संपर्क करें।

विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी के अनुसार, राजभवन एवं लोक भवन से प्राप्त संकेतों के अनुरूप इस वर्ष का दीक्षांत समारोह पूर्व वर्षों की अपेक्षा अधिक व्यापक एवं गतिविधि-प्रधान होगा। पारंपरिक कार्यक्रमों के साथ-साथ खेल प्रतियोगिताएं, काव्य लेखन, भाषण प्रतियोगिताएं, स्थानीय लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि उत्कृष्ट दायित्व निर्वहन करने वाले प्राध्यापकों को इस वर्ष विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा। इसके अंतर्गत संबद्ध महाविद्यालयों से तीन तथा विश्वविद्यालय परिसर से एक शिक्षक का चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया की जिम्मेदारी प्रो. जय सिंह को सौंपी गई है।

कुलपति ने विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों की शैक्षणिक एवं सामाजिक प्रगति का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर कुलाधिपति महोदया के समक्ष प्रस्तुत किए जाने का निर्देश भी दिया। देशभक्ति गीत, स्थानीय लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी तथा चयन का दायित्व प्रो. जगदंबा दुबे को सौंपा गया है। उनके निर्देशन में अधिकतम 15 छात्र-छात्राओं का दल महामहिम के समक्ष प्रस्तुति देगा।

इस वर्ष राजभवन के निर्देश पर “मेरी मां” विषयक भाषण, निबंध एवं काव्य प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के सफल संचालन की जिम्मेदारी प्रो. सुचिता श्रीवास्तव एवं उनकी टीम को दी गई है।

प्रदेश के बाहर आयोजित होने वाले शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का दायित्व पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी प्रो. अजित राय को सौंपा गया है। वहीं निबंध प्रतियोगिता के अंतर्गत “भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था कैसे बना?”, “उत्तर प्रदेश सरकार के दो ऐसे कार्य जिनसे आप प्रभावित हुए” जैसे विषयों पर प्रतियोगिताएं आयोजित कराने की जिम्मेदारी प्रो. वंदना पांडे को दी गई है।

विशेष रूप से ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए अपने गांव के किसी ऐसे प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व पर निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसने समाज, क्षेत्र, राज्य अथवा नई पीढ़ी के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। कुलपति ने इसे ग्रामीण भारत की सकारात्मक ऊर्जा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक अभिनव प्रयास बताया।

कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि स्वच्छता अभियान, “मेरी मां” विषयक प्रतियोगिता, ग्रामीण विभूतियों पर आधारित निबंध प्रतियोगिता तथा उत्कृष्ट प्राध्यापकों का सम्मान जैसे कार्यक्रम निश्चित रूप से समाज और शिक्षा जगत की छिपी प्रतिभाओं को नई पहचान प्रदान करेंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों से दीक्षांत समारोह की तैयारियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

बैठक में परीक्षा नियंत्रक आनंद कुमार, सहायक कुलसचिव डॉ. महेश कुमार, प्रो. अशहद अहमद, डॉ. प्रवेश सिंह, डॉ. देवेंद्र पांडे, आशुतोष, सहित विश्वविद्यालय के अनेक प्राध्यापक उपस्थित रहे।

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