१९९१ में अपने पति और भारत के प्रधानमंत्री को खोने के बाद जिस तरह से सोनिया गाँधी ने भारतीय राजनीति में एक शांत समुन्द्र की तरह जगह बना लिया है वो काबिले तारीफ है \ नरसिम्हा राव के प्रभाव को दरकिनार कर  उन्होंने कांग्रेस की भूमिका को मुख्य विपक्षी दल के रूप में स्थापित किया और २००४ से २०१४ तक एक प्रभावशाली राजनेता की तरह भारतीय राजनीति में स्थापित हो गयी \

सोनिया गाँधी के राजनीतिक प्रभाव और उनकी यात्रा हर भारतीय स्त्री के लिए एक कहानी है, जिसमे एक घरेलु महिला का जो राजनीति में अपने परिवार को नहीं देखना चाहती थी , और परिस्थितिवश आ जाती है का संघर्ष छुपा है |  वो अपने आप को एकांत से निकाल  कर कांग्रेस के दिग्गज राजनेताओ के भीड़ में स्थापित करती है \ ये एक फ़िल्मी कहानी से कम नहीं पर हकीकत है \

आज सोनिया गाँधी का जन्मदिन है और राजनीति में उनकी भूमिका के लिए बचपन एक्सप्रेस परिवार उनको बधाई देता है और एक औरत होने के नाते मै भी उनको इस संघर्ष में लगातार आगे बढ़ने और महिलाओं को प्रेरित करने के लिए धन्यवाद अदा करती हू


मीना पाण्डेय

प्रबंध संपादक

बचपन एक्सप्रेस