पश्चिम बंगाल के मतदान के दौरान सीआईएसएफ की फायरिंग के लिए सीआईडी द्वारा तलब किए जाने पर बोले शुभेंदु अधिकारी....

Update: 2021-05-10 18:26 GMT


पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव चौथे चरण के मतदान के बाद 10 अप्रैल को हुई फायरिंग के मामले में सीआईडी द्वारा सीआईएसफ के जवानों को तलब किए जाने के मामले में केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने एक बार फिर एक-दूसरे पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भारी मतों से जीतने के बाद एक बार फिर सीएम पद के लिए चुनी गई हैं, और उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह में शपथ भी ग्रहण  कर ली है। जिसके बाद उन्होंने पद पर बैठते ही सीतलकुची मैं तुरंत जांच आदेश करके जांच शुरू करने का आदेश कर एसआईटी गठित किया।

आपको बता दें कि इस मामले की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस ने आपराधिक जांच विभाग यानी सीआईडी और सी आई एस एफ तथा सीआई ए सब इंस्पेक्टर को भी मंगलवार को सीआईडी मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा।

आपको बता दें कि सीआरपीएफ के इन 6 अधिकारियों को सीआरपीसी की धारा 160 के तहत नोटिस दिया गया है और मंगलवार को सीआईडी मुख्यालय में पेश होने के सख्त आदेश जारी किए गए हैं।

बंगाल के केंद्रीय मंत्री प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने सीआईएसएफ के जवानों को गोलीबारी की घटना पर तलब किए जाने पर कहा कि सीआईडी की कार्यवाही राजनीति से प्रेरित हो गई है।

दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के बीजेपी विधायक शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सीआईडी ममता बनर्जी और टीएमसी के इशारों पर काम करने वाली विभाग बन गई है। उन्होंने कहा कि सी आई एस एफ और सीआरपीएफ गृह मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं इसीलिए इन जवानों को सीआईडी द्वारा नोटिस भेजना किसी स्तर से सही नहीं माना जाएगा।


नेहा शाह

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