चुनावी नजरिए से बनाए थीम सॉन्ग में कृष्ण से अखिलेश यादव की तुलना किए जाने पर नाराज हुए संत। जानिए पूरा मामला।
अयोध्या में समाजवादी पार्टी के चुनावी थीम सॉन्ग मुरली धारी "कृष्ण बदलकर भेष आ रहे हैं अखिलेश आ रहे हैं" में भगवान श्री कृष्ण से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तुलना की गई है। जिसको लेकर गए सभी संतो ने नाराजगी जताई है।
बता दें कि तपस्वी छावनी के महंत सद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा है कि अखिलेश यादव सिर्फ यादव होने के नाते भगवान कृष्ण कभी नहीं हो सकते। इतना ही नहीं संतो के गुरु तपस्वी छावनी महंत का कहना है कि भगवान कृष्ण ने गौ रक्षा और धर्म रक्षा के लिए ही अवतार लिया था। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव गौ मांस खाने वालों के साथ हैं ऐसे में उनको लोग भगवान श्री कृष्ण का अवतार कैसे कह सकते हैं। यह सनातन धर्म का अपमान है।
अखिलेश यादव के थीम सॉन्ग पर संतो ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अखिलेश यादव सत्ता के भूखे भेड़िए हैं। उन्होंने कहा है कि इस गाने को तुरंत हटाना चाहिए। इसी के साथ उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर यह कैंपेन सॉन्ग 7 दिन में नहीं हटा, तो इसका परिणाम सपा वाले झेल नही पाएंगे।
बता दें कि महंत गौरीशंकर दास का कहना है कि थीम सॉन्ग उनकी गंदी मानसिकता का परिचायक है। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव भगवान कृष्ण के रोये के बराबर भी नहीं हैं. थीम सॉन्ग में अखिलेश की तुलना कृष्ण से करने की संत समाज व वैष्णव अखाड़ा परिषद घोर निंदा करता है।
नेहा शाह