लोक जनशक्ति पार्टी से लगा चिराग पासवान को बड़ा धक्का 5 सांसदों ने मिलकर चिराग को किया लोजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से बाहर
लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व नेता एवं केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय राम विलास पासवान के बेटे एवं लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को पिता की मृत्यु के बाद लगातार मुसीबतें झेलनी पड़ रही हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की मृत्यु के बाद लगातार उनके बेटे चिराग पासवान उनकी जगह को संभाल रहे थे। इस बीच चुनाव के दौरान उन्हें अन्य पार्टियों में जाने के लिए भी मौके दिए गए परंतु उन्होंने लोजपा को ही आगे बढ़ाने का फैसला किया।
आपको बता दें कि 28 नवंबर 2000 को स्थापित की गई लोक जनशक्ति पार्टी को जब 21 साल पूरे हुए तो अब वह लगभग टूट चुकी है। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान एनडीए से अलग होना लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को बेहद भारी पड़ा है। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने गठबंधन खत्म करके स्वयं अकेले के दम पर चुनाव लड़ने का फैसला किया था।
जिसके बाद लोजपा के पांच सांसदों ने चिराग पासवान को सभी पदों से हटा दिया है। बिहार चुनाव में एनडीए से अलग होने से नाराज चिराग के चाचा पशुपति कुमार पारस को इन सांसदों ने अपना नेता चुन लिया है।
आपको बता दें कि पशुपति कुमार पारस को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ संसदीय दल के नेता की भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसके बाद लोजपा सांसद पशुपति कुमार पारस, चौधरी महबूब अली कैसर, वीरा सिंह, चंदन सिंह और प्रिंस राज अब चिराग पासवान से अलग हो चुके हैं।
रविवार को लोक जनशक्ति पार्टी में सांसदों की बैठक में इस प्रकार का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में लोजपा के सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को जानकारी दे दी है। हालांकि पार्टी प्रवक्ता अशरफ अंसारी ने लोजपा में ऐसी किसी भी टूट होने से इनकार कर दिया है।
नेहा शाह