भारत सरकार द्वारा संचालित आत्मनिर्भरता अभियान के अंतर्गत ‘जीविका दीदी’ एवं ‘लखपति दीदी’ योजना के लाभार्थियों के बीच गया में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों को ₹325.82 करोड़ का ऋण वितरित किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत लाभुकों को बीमा अनुदान राशि भी प्रदान की गई।
गया जी के हरिदास सेमिनरी परिसर स्थित सभागार में आयोजित संवाद कार्यक्रम में पंजाब नेशनल बैंक के कार्यपालक निदेशक श्री बिभु प्रसाद महापात्र ने जीविका दीदियों से संवाद किया। इस कार्यक्रम में गया एवं जहानाबाद जिले की 500 से अधिक जीविका दीदियों ने भाग लिया। श्री महापात्र इस कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से पंजाब नेशनल बैंक के कॉर्पोरेट कार्यालय, नई दिल्ली से गया पहुंचे थे।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपस्थित बैंक अधिकारियों, स्टाफ सदस्यों, जीविका के राज्य स्तरीय प्रबंधकों, जिला जीविका प्रबंधन इकाई तथा प्रखंड स्तरीय जीविका प्रबंधकों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने क्षेत्र में तीव्र आर्थिक विकास के लिए सुझाव प्राप्त किए और विभिन्न समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। साथ ही जीविका और पंजाब नेशनल बैंक के बीच स्थापित समन्वय एवं साझेदारी को और सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस अवसर पर ‘लखपति दीदी’ योजना के 3530 लाभार्थियों को ₹48 करोड़ की राशि वितरित की गई। स्वयं सहायता समूहों को ₹325.82 करोड़ का ऋण प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत 10 लाभार्थियों को बीमा अनुदान राशि दी गई। कार्यक्रम में उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने वाले कुछ बीसी (बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट) एजेंटों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के एक अन्य सत्र में कार्यपालक निदेशक एवं अन्य अधिकारियों ने आरसेटी (RSETI) से प्रशिक्षित आत्मनिर्भर एवं सफल उद्यमियों द्वारा लगाए गए 10 स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा उनके कार्यों की सराहना की।
अंचल प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक, बिहार, श्री एन. आर. बंजारा ने सभा को संबोधित करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। गया मंडल के मंडल प्रमुख श्री चैता कुमार पंडा ने अपने संबोधन में जीविका और बैंक के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया तथा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता दोहराई।