महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में ‘नेतृत्व सिद्धांत’ विषय पर विशेष व्याख्यान का सफल आयोजन
आजमगढ़। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के व्यवसाय प्रशासन विभाग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से “नेतृत्व सिद्धांत” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय में चल रही शैक्षणिक व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर के ज्ञान और नवीन प्रबंधन सिद्धांतों से अवगत कराना है।
इस विशेष व्याख्यान की मुख्य वक्ता श्रीलंका की प्रतिष्ठित जनरल सर जॉन कोटेलावाला डिफेंस यूनिवर्सिटी के प्रबंधन एवं वित्त विभाग की प्रख्यात विदुषी डॉ. धिनेशा रुवंथी परेरा रहीं, जिन्होंने ऑनलाइन माध्यम गूगल मीट के जरिए अपने विचार विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के साथ साझा किए। उन्होंने नेतृत्व के विभिन्न आधुनिक और उन्नत सिद्धांतों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए बताया कि किसी भी संगठन की सफलता के लिए प्रभावी नेतृत्व अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.संजीव कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व और शैक्षणिक मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कुलपति के विजन और अकादमिक दृष्टिकोण के कारण ही विश्वविद्यालय में इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रमों और व्याख्यान श्रृंखलाओं का सफल आयोजन संभव हो पा रहा है। विश्वविद्यालय लगातार विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से जोड़ने का प्रयास कर रहा है, जिससे उन्हें वैश्विक परिप्रेक्ष्य में ज्ञान प्राप्त हो सके और उनकी शैक्षणिक समझ का विस्तार हो।
अपने व्याख्यान में डॉ. धिनेशा रुवंथी परेरा ने नेतृत्व के पारंपरिक और आधुनिक सिद्धांतों की विस्तृत व्याख्या करते हुए बताया कि वर्तमान समय में संगठनों को आगे बढ़ाने के लिए केवल प्रशासनिक क्षमता ही नहीं, बल्कि दूरदर्शिता, नवाचार और टीम को प्रेरित करने की क्षमता भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि एक प्रभावी नेता वह होता है जो अपनी टीम के सदस्यों को प्रेरित करते हुए उन्हें उनके लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है।उन्होंने यह भी कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक और तेजी से बदलते वैश्विक वातावरण में नेतृत्व की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। एक सफल नेता संगठन के उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से निर्धारित करता है, टीम में सहयोग की भावना विकसित करता है और चुनौतियों का सामना करते हुए संगठन को सफलता की ओर अग्रसर करता है।
इस व्याख्यान कार्यक्रम में एमबीए (एबीएम), बीबीए, पीजीडीबीएम तथा होटल एवं पर्यटन प्रबंधन के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने व्याख्यान के दौरान नेतृत्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपनी जिज्ञासाएँ व्यक्त कीं और मुख्य वक्ता से कई महत्वपूर्ण प्रश्न भी पूछे, जिनका उन्होंने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को नेतृत्व के आधुनिक सिद्धांतों को समझने, प्रबंधन के क्षेत्र में नई दृष्टि विकसित करने तथा व्यावहारिक जीवन में नेतृत्व कौशल को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और उनके पेशेवर कौशल को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।अंत में विभाग की ओर से मुख्य वक्ता के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।