बायोप्साइकोसोशल मॉडल ऑफ मेंटल हेल्थ” विषय पर विशेष व्याख्यान: सीएसजेएम विश्वविद्यालय में डॉ. नंद कुमार का संबोधन

Update: 2026-03-13 16:01 GMT



कानपुर, 13 मार्च 2026। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के नैदानिक मनोविज्ञान विभाग द्वारा “बायोप्साइकोसोशल मॉडल ऑफ मेंटल हेल्थ” विषय पर एक विशेष शैक्षणिक व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस व्याख्यान का उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के समग्र एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से परिचित कराना था।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. नंद कुमार, विभागाध्यक्ष, मनोचिकित्सा विभाग, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली उपस्थित रहे। अपने व्याख्यान में उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को जैविक (Biological), मनोवैज्ञानिक (Psychological) तथा सामाजिक (Social) कारकों के समन्वित प्रभाव के रूप में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य केवल व्यक्ति के मस्तिष्क या भावनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उसके शारीरिक स्वास्थ्य, व्यक्तिगत अनुभवों, सामाजिक संबंधों और जीवन परिस्थितियों से भी गहराई से जुड़ा हुआ होता है।

डॉ. नंद कुमार ने अपने व्याख्यान में यह भी उल्लेख किया कि पूर्व समय में “तनाव” (Stress) को एक अलग मनोवैज्ञानिक शब्द के रूप में नहीं देखा जाता था, बल्कि इसे जीवन की चुनौतियों के रूप में समझा जाता था। समय के साथ इसकी अवधारणा और परिभाषा में परिवर्तन आया है। उन्होंने विद्यार्थियों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि जीवन में आने वाले तनाव को पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं है, किंतु उसकी स्वीकृति (Acceptance) और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने से व्यक्ति मानसिक रूप से अधिक स्वस्थ और संतुलित रह सकता है। उन्होंने तनाव प्रबंधन के लिए कई व्यावहारिक सुझाव भी साझा किए, जिनमें सकारात्मक सोच, आत्म-जागरूकता, सामाजिक सहयोग तथा संतुलित जीवनशैली को विशेष महत्व दिया गया।

व्याख्यान के पश्चात एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया। इस सत्र में डॉ. नंद कुमार ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर संवादात्मक, सरल और आनंदपूर्ण शैली में दिया। चर्चा के दौरान कुछ छोटी-छोटी गतिविधियों (Activities) के माध्यम से भी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण सिद्धांतों को समझाया गया, जिससे विद्यार्थियों को विषय को व्यावहारिक रूप से समझने में सहायता मिली। इस सत्र में विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, मानसिक संतुलन बनाए रखने तथा दैनिक जीवन में मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के प्रभावी उपायों के बारे में उपयोगी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर प्रो. संदीप कुमार सिंह, निदेशक, आईक्यूएसी, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक और संवादात्मक कार्यक्रम विश्वविद्यालय के बौद्धिक वातावरण को समृद्ध करते हैं तथा विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ मानसिक संतुलन और भावनात्मक सुदृढ़ता को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।

कार्यक्रम का आयोजन नैदानिक मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका शुक्ला के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अनेक विद्यार्थी, शोधार्थी तथा शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और उन्होंने पूरे कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभाग के संकाय सदस्यों — श्री अहमद अब्दुल्लाह, डॉ. अनमोल शेखर श्रीवास्तव, सुश्री दुर्गा यादव, सुश्री अंशिका मिश्रा तथा श्री सृजन श्रीवास्तव — का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

यह व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा जीवन की चुनौतियों को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने की प्रेरणा भी प्रदान करने वाला सिद्ध हुआ।

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