Kahani

  • मेरी तीन कहानिया -भाग आठ - काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की कथा

    बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में जाने के बाद कुछ मन हल्का हुआ और दोस्तों के बीच रह कर घर से दूर, माँ की मौत से दूर भाग जाने का मन हो गया था | अब निश्चित किया की घर से नही, बीएचयू के हॉस्टल में रह कर पढेंगे | हालाकि प्रवेश परीक्षा में नम्बर काफी थे पर शहर का होने के नाते और समाज विज्ञान में...

  • 'Strangled Threads' a debut novel of Swastik Sawhney, a class XII student.

    'STRANGLED THREADS', is the name of the debut novel of Swastik Sawhney, a 17-year-old boy, an alumnus of St. Mary's Academy and presently a student of XII Std at Dewan Public School, Meerut.This novel 'Strangled Threads' is his Debut Novel based upon the amalgamation of his imagination and...

  • Covid 19 through the eyes of a child

    In the month of March 2020 my school SomervilleNoida declared holidays for the new session from 13th. I have beenhome since then. Do you know why? Covid 19!! Due to increasing number ofpositive cases of this viral disease, our Prime Minister declared a ‘lockdown’.When I checked the Oxford Dictionary ...

  • काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की कथा

    मेरीतीन कहानिया भाग सात दुनियाउजड़ चुकी थी जिस माँ के लिए डॉक्टर बनना चाहते थे वो इस दुनिया से जा चुकी थी |बार –बार इस बात का एहसास सोते समय होता था | कभी डर कर रात में नींद खुलती तो अगल–बगल माँ नहीं नजर आती थी | अब घर उतना अपना नहीं लगता था | कहीं दूर जाने का मनपर कहाँ ऐसे में काशी हिन्दू...

  • बचपन कला कहानी गाओ बजाओ प्रतियोगिता

    लॉक डाउन में अपनी प्रतिभा दिखाए और पाए इनाम बचपनएक्सप्रेस अखबार प्रस्तुत करते है बचपन कला कहानीगाओ बजाओ प्रतियोगिता लॉक डाउन में अपनी प्रतिभा दिखाए और पाए इनामबचपन कला कहानी गाओ बजाओप्रतियोगिता उन लोगो के लिए है जो माताएं ,बहने और भाई- बहन किन्ही कारण...

  • पढ़िए मेरी तीन कहानियो को एक से अध्याय छः तक एक साथ

    अध्याय एक :28 साल बाद कही की यात्रा फिर करने का मौका मिलना, उस पुरानी यात्रा मे बिताये हुए पल को बार -बार आंखो के सामने आने जैसा है। ये बात है 1991 की जब उन्नीस साल की उम्र मे पहली बार बॉम्बे अब मुम्बई जाने की इच्छा हुई । हमारे अभिन्न मित्र (नाम नही बता सकता क्योंकि कहानी बनी ही उनके कारण है।) ...

  • अस्पताल में जुड़वा बच्चों का जन्म, माता-पिता ने नाम रखा कोविड और कोरोना

    बिहारगया : देश में कोरोना वायरस के चलते घोषित लॉकडाउन में जिले के टिकारी प्रखंड के जयनंदन बिगहा गांव निवासी एक महिला ने निजी अस्पताल में जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। जिसके बाद जुड़वा बच्चों का नाम परिवारजनों ने कोविड और कोरोना रखा है।जिले के टिकारी प्रखड के जयनंदन बिगहा के रहने वाले श्रीराम कुमार की...

  • रुक तो सकता नही उसे तो चलते जाना है, चलना ही जिंदगी है और मौत ही ठिकाना है

    जिंदगी आज लाचारी और बेबसी का रूप है ,हर ओर फैली मायूसी, उदास चेहरे , हमसे कुछ मांगते है ,जिन्दगी तो दे न सके अब मौत तो गले लगाने दो |हमने चंद ख़ुशी के लम्हों के लिए अपने आपको गिरवी रख दिया - अपनों की उम्मीदों को पाले इस शहर में कदम रखा था | क्या माँगा था ,चंद रूपये जो तुम मेरे हर लम्हों को लेकर दे ...

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